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Brahmakumaris Jamshedpur

कारागृह को संस्कार परिवर्तन का केंद्र बना लो

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जमशेदपुर  16 सितम्बर
यह कारागृह नही , बल्कि सुधारगृह है । इसमें आपको स्वयं में सुधार लाने हेतु रखा हुआ है , शिक्षा देने हेतु नहीं । इस कारागृह को संस्कार परिवर्तन का केंद्र बना लो | इस मे एक दुसरे से बदला लेने के बजाए स्वयं को बदलना है | बदला लेने से समस्या और ही बद जाती है | उक्त उदगार माउंट आबू राजस्थान से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से आये हुए  ब्रह्मकुमार भगवान भाई ने कहे | वे केन्द्रीय  कारा (जेल) में बंद कैदियों को कर्म गति और व्यवहार शुद्धि विषय पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कारागृह के इस एकांत स्थान पर बैठकर स्वयं को परिवर्तन करने के लिए सोचों कि मैं इस संसार में क्यों आया हूं? मेरे जीवन का उद्देश्य क्या हैं , मुझे परमात्मा ने किस उद्देश्य से यहां भेजा है ? मैं यहां आकर क्या कर रहा हूं ? ऐसी बातों का चिंतन करने से संस्कार , व्यवहार परिवर्तन होगा । उन्होंने कहा कि यह कारागृह आपके जीवन को सुधार लाने हेतु तपोस्थल है । हम किसके बच्चे हैं? जिस परमात्मा के हम बच्चे हैं , वह तो शांति का सागर , दयालू , कृपालू , क्षमा का सागर है । हम स्वयं को भूलने से ऐसी गलतियां कर बैठते हैं ।
भगवान भाई जी ने कर्म गति याद करते हुए कहा कि हम ऐसा कोई कर्म ना करें जिस कारण धर्मराज पूरी में हमें सिर झुकाना पडे , पछताना पडे , रोना पडे । स्वयं के अवगुण या बुराईयां हैं उसे दूर भगाना हैं , ईर्ष्या करना , लड़ना , झगड़ना , चोरी करना , लोभ , लालच , काम , क्रोध, अभिमान  यह मनोविकार तो हमारे दुश्मन हैं । जिसके अधिन होने से हमारे मान , सम्मान को चोट पहुंचती हैं । जिस भूलो के कारण हम यहा आये है उस भूलो को या बुराईयां दूर करना है  | तो हमारे अंदर की अपराधिक प्रवति में परिवर्तन आएगा । इन अवगुणों ने और बुराईयों ने हमें कंगाल बनाया इससे दूर रहना है । जीवन में नैतिक मूल्यों की धारणा करने की आवश्यकता है । जीवन में सद्गुण न होने के कारण ही समस्याएं पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन बड़ा अनमोल होता है। उसे व्यर्थ कर्म कर व्यर्थ ऐसा ही नहीं गंवाना चाहिए । मजबूरी को परीक्षा समझकर उसे धैर्यता और सहनशीलता से पार करना हैं , तो अनेक दु:खो  और धोखे से बच सकते हैं । जीवन में परिवर्तन लाकर श्रेष्ठ चरित्रवान बनने का लक्ष्य रखना है। तब कारागार आपके लिए सुधारगृह साबित होगा। हमारे जीवन से काम ,क्रोध,लोभ ,मोह अहंकार, इर्ष्या, नफरत आदि बुराई  को अपने जीवन से खदेड़कर हमें अपने आंतरिक बुराईयों को निकालना हैं ।  उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने यह देश हमारे लिए स्वतंत्र बनाकर खुशी , आनंद में रहने के लिए दिया है |
भगवान भाई ने कहा कि जो जैसा करता है वैसा फल पाता है। हमारे मन में पैदा होने वाले विचार कर्म से पहले आते हैं। उन्होंने बन्दियों को बताया कि बीती बात को भुला देना चाहिए तथा आगे की सोचनी चाहिए कि हे परमात्मा मेरे से कोई बुरा कार्य न हो। गलती करने वाले से माफ  करने वाला बडा होता है। बदला लेने वाला दूसरों को दुख देने से पहले अपने आप को दुख देता है।
• स्थानीय ब्रह्माकुमारीज राजयोग सेवाकेंद्र जुगसलाई की संचालिका बी के रागिनी बहन जी ने  बी के भगवान भाई का परिचय बताते हुए कहा कि 800 अधिक कारागृह में कार्यक्रम करने के कारण इनका नाम इण्डिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज है | भगवान भाई ने बताई बातों को अपने जीवन में प्रयोग करोगे तो अवश्य ही आप बुरी आदतों को छोड दोगे तथा अपने आप अच्छा सोचने लगेंगे और जेल से छुटने के बाद अच्छे नागरिक की तरह जीवन यापन करेंगे।  उन्होंने कहा कि मनुष्य ने विषय वासनाओं की चादर ओढ़ी हुई है | मन कि वासनाओ के कारण अपराध बढ़ते है | उन्होंने कहा कि सभी इंसान ईश्वर की संतान है |
• जेलर अजय कुमार श्रीवास्तव जी  ने भी अपने सम्बोधन में बन्दियों को बताया कि आप जैसा सोचोगे वैसा ही बन जाओगे। अत: हमें सदैव अच्छा सोचना चाहिए तथा बुरी आदत को छोड़ देना चाहिए । ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश आप सभी में कुछ मानसिक सकारात्मक परिवर्तन आये
जेल अधीक्षक नरेंदप्रसाद जी कहा कि ब्रह्माकुमारीज सस्था ऐसे कार्यक्रमों के लिए  धन्यवाद किया भविष्य में ऐसे कार्यक्रम करने हेतु ब्रह्माकुमारी को निमन्त्रण भी दिया |
• कार्यक्रम में हेड क्लर्क प्रेम रोस लीना लखडा , बी के सुमित भाई ,बी के संजय भाई , बी के आरती बहन जी , सुनीता माता , कांता माता और  जेल के स्टाफ भी उपस्थित थे |
• कार्यक्रम के अंत में आपराध मुक्त बनने , मनोबल बढाने , बुरी आदतों को छोड़ने और सस्कार परिवर्तन के लिए भगवान भाई ने कॉमेंट्री द्वारा मेडिटेशन  राजयोग कराया |

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विश्व कल्याणी भवन उद्घाटन समारोह | जुगसलाई जमशेदपुर | रानी दीदी जी

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 राजयोग प्रशिक्षण से तनावमुक्त जीवन की मिलेगी राह

 जुगसलाई में विश्व कल्याणी भवन का उद्घाटन, आध्यात्मिक जागृति का नया केंद्र बना

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मारवाड़ी पाड़ा, जुगसलाई में नवनिर्मित आध्यात्मिक सेवा केंद्र, विश्व कल्याणी भवन का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ।

उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि:

  • उद्घाटनकर्ता: ईस्टर्न मुजफ्फरपुर जोन की प्रमुख रानी दीदी ने फीता काटकर केंद्र का शुभारंभ किया।

  • संस्थान के प्रमुख पदाधिकारी: समारोह में मुजफ्फरपुर से कंचन बहन, कोल्हान क्षेत्र की निदेशिका अंजू दीदी, जुगसलाई सेवा केंद्र की प्रभारी रागिनी दीदी तथा माउंट आबू मुख्यालय से भूषण भाई, बिंदेशवरी भाई और प्रकाश भाई विशेष रूप से उपस्थित रहे।

  • विशिष्ट अतिथि (गणमान्य लोग): उद्घाटन समारोह में जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी, मानवाधिकार अध्यक्ष उषा सिंह, सुंदरनगर थाना प्रभारी, समाजसेवी दीपक भलोटिया, ज्योति अग्रवाल, रत्ना अग्रवाल तथा मोती अग्रवाल सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक प्रस्तुतियां:

उद्घाटन समारोह के बाद विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान ईश्वरीय गीत, प्रेरणादायी नृत्य और आध्यात्मिक संदेशों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

समाज को मिलने वाले प्रमुख लाभ 

अखबार के अनुसार, इस नवनिर्मित केंद्र के माध्यम से समाज को निम्नलिखित लाभ और सेवाएं प्राप्त होंगी:

  • नि:शुल्क राजयोग प्रशिक्षण: सभी वर्गों के लोगों के लिए नियमित और मुफ्त राजयोग मेडिटेशन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • तनावमुक्त जीवन की प्रेरणा: आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से संतुलित, सुखमय और तनावमुक्त जीवन जीने की राह दिखाई जाएगी।

  • मूल्यों पर आधारित जीवनशैली: समाज में नैतिक एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित जीवन जीने की प्रेरणा को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • विशेष मार्गदर्शन: युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं और प्रगति के लिए विशेष आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

  • व्यसनमुक्ति और सौहार्द: समाज में नशामुक्ति, पारिवारिक सौहार्द, सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक सोच के प्रसार के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

  • नियमित आध्यात्मिक गतिविधियां: केंद्र में दैनिक/नियमित प्रवचन, ध्यान (मेडिटेशन) सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रेरणादायी सत्रों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।

वक्ताओं के मुख्य विचार एवं उद्देश्य

“विश्व कल्याणी भवन का मुख्य उद्देश्य समाज में परमात्मा का प्रेम, शांति, सुख और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार करना है। यह सेवा केंद्र समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने, नशामुक्ति, पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण और विश्व-शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।”

इस अवसर पर जमशेदपुर एवं इसके आसपास के सभी ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों से बड़ी संख्या में भाई-बहन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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LIVE : Science of Happiness by EV Gireesh (Jamshedpur) 18-05-2025, 05.30pm

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https://youtube.com/live/pagsYElhFpw

LIVE : Science of Happiness by EV Gireesh (Jamshedpur) 18-05-2025, 05.30pm

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Spirutual Conclave on Meditaion for UNITY and TRUST by EV Gireesh (JSR)18-05-2025,10.00am

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#live Spirutual Conclave on Meditaion for UNITY and TRUST by EV Gireesh (JSR)18-05-2025,10.00am

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